Day : 25 Janaury 2026

आज रविवार है।
दौड़ नहीं है, शोर नहीं है,
सिर्फ़ खुद से मिलने का दिन है।
आज मन से कहा—
“थोड़ा ठहर जा…
हर दिन जीतना ज़रूरी नहीं,
आज बस जी लेना काफ़ी है।”
आज महसूस हुआ कि
आराम भी एक मेहनत है,
और ख़ुद को समय देना
सबसे ज़रूरी ज़िम्मेदारी।
आज शिकायतों की जगह
कृतज्ञता रखी है,
डर की जगह
हल्की-सी मुस्कान।
आज रविवार है—
तो आज
खुद के साथ नरमी से पेश आना है,
क्योंकि जो अंदर शांत है
वही बाहर खुश रख पाता है। ✨
शुभ रविवार 🤍
short sweet sahityik