आज का समाज एक अजीब दौर से गुजर रहा है।हर व्यक्ति अंदर से टूटा हुआ, डरा हुआ और असुरक्षित महसूस करता है, लेकिन बाहर से वह खुद को “सही” साबित करने में लगा हुआ है। समस्या यह नहीं है कि लोगों के पास विचार हैं…समस्या यह है कि ज्यादातर लोग अपने विचारों को अंतिम सत्य…
Category: जीवन-दृष्टि/Life Perspectives-15 दिन में
कीमत और मूल्य का भ्रम
(एक विचार जो अक्सर मन में कौंधता है…) लाखों की पाजेब पैरों में चमकती है, एक रुपए की बिंदी माथे को सजाती है। कीमत बाज़ार तय करता है — दुर्लभता, माँग से। मूल्य? वो हमारी चेतना, हमारी आत्मा तय करती है। दार्शनिकों ने सदियों से ये सवाल पूछा है: क्या वाकई मूल्यवान वही है जो…
अब शेष दिनों का उत्सव
–Rakesh Karwasra जब उम्र ने कंधे पर हाथ रखकर कहा—“चलो, अब थोड़ा धीमे चलें,”तब पहली बारमैंने समय की साँस सुनी। जो दिन बीत गए,वे अब स्मृतियों के दीप हैं,और जो बचे हैं—वे उधार की रोशनी नहीं,मेरी अपनी ज्योति हैं। अब किसी की विदाई पर आँसू नहीं,क्योंकि जानाजीवन का अपमान नहीं—उसकी पूर्णता है। मेरे बाद क्या…
Daily Motivation – आज का प्रेरणा संदेश
तुम्हारी हार तब तक हार नहीं, जब तक तुम लड़ना नहीं छोड़ते 🌅 सुबह की किरण देखो, आज फिर से सूरज उगा है। कल की रात कितनी भी अंधेरी रही हो, आज एक नया दिन है। एक नई शुरुआत। एक नया मौका। तुम्हारे पास फिर से 24 घंटे हैं – खुद को साबित करने के…
क्या सच में हमारे पास काम बहुत ज़्यादा है — या हम बस परेशान हैं?
इंसान अक्सर एक ही बात दोहराता है— “समय ही नहीं है।”लेकिन सवाल यह नहीं कि समय नहीं है,सवाल यह है कि हम किसमें उलझे हुए हैं? हम बिज़ी रहते हैं…पर किसी से ढंग से बात नहीं कर पाते।काम करते हैं…पर संतोष नहीं मिलता।दिन निकल जाता है…पर लगता है जैसे कुछ जिया ही नहीं। तो फिर…
Altruist | निस्वार्थता की वह ख़ामोश ताक़त
When living for others becomes a way of finding yourself आज की दुनिया में जहाँ हर रिश्ता लाभ–हानि की तराज़ू पर तौला जाता है,वहीं Altruist होना एक शांत लेकिन साहसी विद्रोह है। Altruist वह नहीं होता जो सब कुछ लुटा दे,बल्कि वह होता हैजो देते हुए खुद को खोता नहीं,बल्कि और गहरा पाता है। Altruism…
हार न मानना — आज के समय में सबसे ज़रूरी आदत
हार न मानना — आज के समय में सबसे ज़रूरी आदत आज का समय सबसे ज़्यादा तेज़, अनिश्चित और दबाव से भरा हुआ है।यहाँ लोग सपनों से नहीं, परिस्थितियों से हारते हैं।यहाँ संघर्ष बाहर से ज़्यादा मन के अंदर होता है। हार आज इसलिए नहीं आती कि इंसान कमजोर है,हार इसलिए आती है क्योंकि आज…