कभी-कभी रात को सोने से पहले जब हम मोबाइल की स्क्रीन बंद करते हैं, तो एक अजीब-सी थकान महसूस होती है। यह थकान शरीर की नहीं होती, यह मन की थकान होती है। पूरे दिन हम न जाने कितने लोगों की ज़िंदगी देख चुके होते हैं। किसी की नई कार, किसी की विदेश यात्रा, किसी…
Category: The Unseen Mind
समाज सच से नहीं, अलग सोच रखने वालों से डरता है | Rakesh Karwasra
आज का समाज एक अजीब दौर से गुजर रहा है।हर व्यक्ति अंदर से टूटा हुआ, डरा हुआ और असुरक्षित महसूस करता है, लेकिन बाहर से वह खुद को “सही” साबित करने में लगा हुआ है। समस्या यह नहीं है कि लोगों के पास विचार हैं…समस्या यह है कि ज्यादातर लोग अपने विचारों को अंतिम सत्य…
कीमत और मूल्य का भ्रम
(एक विचार जो अक्सर मन में कौंधता है…) लाखों की पाजेब पैरों में चमकती है, एक रुपए की बिंदी माथे को सजाती है। कीमत बाज़ार तय करता है — दुर्लभता, माँग से। मूल्य? वो हमारी चेतना, हमारी आत्मा तय करती है। दार्शनिकों ने सदियों से ये सवाल पूछा है: क्या वाकई मूल्यवान वही है जो…
आत्मसंवाद | Inner Dialogue – DAILY
Day : 31 Janaury 2026 आज खुद से कहा—तू ज़िम्मेदार नहीं,तू लगातार चुप रहने की कीमत चुका रहा है। जो तूने “चलने दिया”,वही धीरे-धीरेतेरी हदें तय करने लगा। कड़वा सच ये है—तुझे सबसे ज़्यादा चोटदूसरों से नहीं,खुद से किए गए समझौतों ने दी है। –Rakesh Karwasra copyright@rakeshkarwasra.com
क्या सच में हमारे पास काम बहुत ज़्यादा है — या हम बस परेशान हैं?
इंसान अक्सर एक ही बात दोहराता है— “समय ही नहीं है।”लेकिन सवाल यह नहीं कि समय नहीं है,सवाल यह है कि हम किसमें उलझे हुए हैं? हम बिज़ी रहते हैं…पर किसी से ढंग से बात नहीं कर पाते।काम करते हैं…पर संतोष नहीं मिलता।दिन निकल जाता है…पर लगता है जैसे कुछ जिया ही नहीं। तो फिर…
Altruist | निस्वार्थता की वह ख़ामोश ताक़त
When living for others becomes a way of finding yourself आज की दुनिया में जहाँ हर रिश्ता लाभ–हानि की तराज़ू पर तौला जाता है,वहीं Altruist होना एक शांत लेकिन साहसी विद्रोह है। Altruist वह नहीं होता जो सब कुछ लुटा दे,बल्कि वह होता हैजो देते हुए खुद को खोता नहीं,बल्कि और गहरा पाता है। Altruism…