आज मन ने बहुत शांति से, लेकिन सीधे दिल में उतरते हुए पूछा — “राकेश, तू दूसरों के लिए जितना समय निकालता है, खुद के लिए कभी समय निकालता है? या बस रोज़ की भागदौड़ में खुद को भी भूल जाता है?” मैं कुछ पल के लिए रुक गया। सच तो ये था कि मैं…
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आज का आत्मसंवाद – 22 मार्च 2026
विचार: हम कहीं नहीं जाते… बस खुद तक लौटते हैं सुबह उठा तो खिड़की से हल्की धूप आई।न ज्यादा तेज़, न जलाने वाली।बस इतनी कि कमरे में एक सुनहरा कोना बन जाए।चाय बनाई।कटोरा हाथ में लिया।खिड़की के पास खड़े होकर बाहर देखा।और मन में एक पुरानी बात फिर से उठी—“हम कहीं नहीं जाते…बस खुद तक…
आत्मसंवाद दिनांक: 21 मार्च 2026
कभी सोचा है तुमने…कि तुम जो आज हो,क्या सच में वही हो…जो कभी थे? या बस…वक़्त ने तुम्हेंथोड़ा-थोड़ा बदलते-बदलतेकिसी और में ढाल दिया? मैं कोशिश करता हूँ—लौटने की…उसी पुराने “मैं” तक,जहाँ हँसी बिना वजह आती थी,जहाँ नींद में भी सपने मुस्कुराते थे। पर अजीब है न…रास्ते तो याद हैं,मोड़ भी याद हैं,पर वो “मैं”—जिसे ढूँढने…
आज का आत्मसंवाद – 9 मार्च 2026
आज का आत्मसंवाद – 9 मार्च 2026 आज सुबहमैंने खुद से कोई वादा नहीं किया। न यह कहा कि आज बेहतर बनना है,न यह कि आज कुछ हासिल करना है। बस चुपचाप बैठ गया। कुछ देर बादएक अजीब-सी बात समझ आई— हम पूरी जिंदगी“कुछ बनने” की कोशिश में बिताते हैं। कभी अच्छा इंसान बनने में,कभी…
कीमत और मूल्य का भ्रम
(एक विचार जो अक्सर मन में कौंधता है…) लाखों की पाजेब पैरों में चमकती है, एक रुपए की बिंदी माथे को सजाती है। कीमत बाज़ार तय करता है — दुर्लभता, माँग से। मूल्य? वो हमारी चेतना, हमारी आत्मा तय करती है। दार्शनिकों ने सदियों से ये सवाल पूछा है: क्या वाकई मूल्यवान वही है जो…
Altruist | निस्वार्थता की वह ख़ामोश ताक़त
When living for others becomes a way of finding yourself आज की दुनिया में जहाँ हर रिश्ता लाभ–हानि की तराज़ू पर तौला जाता है,वहीं Altruist होना एक शांत लेकिन साहसी विद्रोह है। Altruist वह नहीं होता जो सब कुछ लुटा दे,बल्कि वह होता हैजो देते हुए खुद को खोता नहीं,बल्कि और गहरा पाता है। Altruism…
आत्मसंवाद (Daily Quotes Series)
01 January 2026 मन वही बोझ उठाता हैजिसे शब्द बनने नहीं दिया गया।