जब शब्द भीतर की चुप्पी से जन्म लेते हैं यह जगहतेज़ राय या तैयार जवाबों की नहीं है।यहाँ लेखनमन, जीवन और रिश्तों केउस हिस्से से आता हैजिसे अक्सर शब्द नहीं मिलते। मैं लिखता हूँसमझाने के लिए नहीं,साथ चलने के लिए। — Rakesh Karwasra
Life in Words………..
जब शब्द भीतर की चुप्पी से जन्म लेते हैं यह जगहतेज़ राय या तैयार जवाबों की नहीं है।यहाँ लेखनमन, जीवन और रिश्तों केउस हिस्से से आता हैजिसे अक्सर शब्द नहीं मिलते। मैं लिखता हूँसमझाने के लिए नहीं,साथ चलने के लिए। — Rakesh Karwasra