
कभी-कभी हमें लगता है
कि जीवन अचानक रुक गया है।
रास्ते जैसे बंद हो गए हों,
और जो कुछ हमने सोचा था
वह सब कहीं पीछे छूट गया हो।
उस समय मन में
एक अजीब-सी बेचैनी होती है—
जैसे सब कुछ थम गया हो,
जैसे हमारी सारी कोशिशें
किसी अदृश्य दीवार से टकरा गई हों।
पहले मुझे भी लगता था
कि यह रुक जाना है,
जैसे जीवन ने
मेरे कदम रोक दिए हों।
पर धीरे-धीरे समझ आया—
शायद जीवन हमें रोकता नहीं,
बस दिशा बदल देता है।
कई बार हम
किसी एक रास्ते को ही
अपनी मंज़िल मान लेते हैं,
और जब वही रास्ता
हमारे सामने से हट जाता है
तो हमें लगता है
सब कुछ खत्म हो गया।
लेकिन जीवन का स्वभाव
शायद कुछ और ही है।
वह हमें वहाँ नहीं ले जाता
जहाँ हम हमेशा जाना चाहते हैं,
वह हमें वहाँ ले जाता है
जहाँ हमें कुछ समझना होता है,
कुछ सीखना होता है।
आज मैंने खुद से कहा—
अगर कभी लगे
कि रास्ता अचानक बदल गया है,
तो घबराना मत।
क्योंकि शायद
जीवन तुम्हें रोक नहीं रहा,
बस तुम्हें धीरे से
एक नई दिशा दिखा रहा है।
और कई बार
सबसे सच्चे रास्ते
उन्हीं मोड़ों से शुरू होते हैं
जिन्हें हम
पहले अंत समझ लेते हैं।
— Rakesh Karwasra