आत्मसंवाद | Inner Dialogue – Morning सुबह है…और मन अभी पूरी तरह जागा नहीं है।कुछ ख्याल आधी आँखों में अटके हैं,जैसे नींद और सच के बीच कोई जगह हो। आज आईने में खुद से कोई वादा नहीं किया।बस इतना कहा—दिन जैसा भी हो,मैं खुद से लड़कर नहीं जिऊँगा। सुबह की यह शांति बता गईकि हर…
Tag: मन की बात
आत्मसंवाद: शांति की तलाश में
दिनांक: 6 फरवरी, 2026 जब मन भटके, तो लौट आना सीखो आज सुबह जब मैं अपनी खिड़की से बाहर देख रहा था, तो एक चिड़िया को डाल पर बैठे देखा। हवा के झोंके से डाल हिल रही थी, लेकिन चिड़िया अपनी जगह स्थिर थी। वह न घबराई, न गिरी। बस अपने संतुलन में थी। मुझे…
आत्मसंवाद | Inner Dialogue – Daily
Day : 19 January 2026 “मन हल्का-सा” आज मन से कहा—खुश रहने का मतलबहर हाल में मुस्कुराना नहीं,बल्कि खुद परबेवजह बोझ न डालना है। -Rakesh Karwasra copyright@rakeshkarwasra.com
आत्मसंवाद | Inner Dialogue – Daily
Day : 18 Janaury 2026 आज मन ने मुझसेबिलकुल धीरे से कहा—खुशी कोई चकाचौंध नहीं,वह तो उस पल की तरह हैजब भीतर सब ठीक हो जाता हैऔर बाहर कुछ बदलने की ज़रूरत नहीं रहती। -Rakesh Karwasra copyright@rakeshkarwasra.com