दिनांक: 6 फरवरी, 2026 जब मन भटके, तो लौट आना सीखो आज सुबह जब मैं अपनी खिड़की से बाहर देख रहा था, तो एक चिड़िया को डाल पर बैठे देखा। हवा के झोंके से डाल हिल रही थी, लेकिन चिड़िया अपनी जगह स्थिर थी। वह न घबराई, न गिरी। बस अपने संतुलन में थी। मुझे…
Life in Words………..
दिनांक: 6 फरवरी, 2026 जब मन भटके, तो लौट आना सीखो आज सुबह जब मैं अपनी खिड़की से बाहर देख रहा था, तो एक चिड़िया को डाल पर बैठे देखा। हवा के झोंके से डाल हिल रही थी, लेकिन चिड़िया अपनी जगह स्थिर थी। वह न घबराई, न गिरी। बस अपने संतुलन में थी। मुझे…