सुबह उठते ही पहला विचार आया: “कल वैलेंटाइन डे था… आज क्या बचा है? सिर्फ़ एक दिन का उत्सव खत्म हो गया?” मैंने खुद से कहा: “नहीं। आज वो दिन है जब प्यार की असली परीक्षा होती है। जब गुलाब की पंखुड़ियाँ मुरझा जाती हैं, चॉकलेट ख़त्म हो जाती है, मैसेज रीड होकर आर्काइव में…