विचार: “तुम्हारा कोई इंतज़ार कर रहा हो, इससे बड़ी सफलता क्या हो सकती है?” सुबह उठा तो खिड़की से धूप नहीं आई। बादल थे। हल्की ठंडी हवा थी। पर मन में एक बात बार-बार गूँज रही थी— “तुम्हारा कोई इंतज़ार कर रहा हो… इससे बड़ी सफलता क्या हो सकती है?” चाय बनाई। कटोरा हाथ में…