“भटकने का भी एक अर्थ होता है।“ कभी-कभी जीवन मेंहम अचानक रुककर सोचते हैं—क्या हम सही रास्ते पर हैं? यह सवाल अक्सर तब पैदा होता हैजब भीतर कहीं हल्की-सी बेचैनी होती है,जब सब कुछ ठीक होते हुए भीकुछ अधूरा-सा महसूस होता है। और कई बारधीरे-धीरे यह एहसास भी होने लगता हैकि शायद हमकहीं भटक गए…