Day : 22 January 2026 आज खुद से कहा—जो शोर में नहीं दिखा,वही खामोशी में सँभल गया।आज मैं बच गया…और यही काफ़ी है। -Rakesh Karwasra copyright@rakeshkarwasra.com
Tag: Khamoshi
आत्मसंवाद | Inner Dialogue-Daily
Day : 17 January 2026 सुबह है…मन अब भी रात से निकल रहा है।सब ठीक दिखता है,पर भीतर कुछ थका हुआ है।फिर भी उठ खड़ा हुआ हूँ।क्योंकि उम्मीद अब भी ज़िंदा है।मैं जल्दी नहीं पहुँचूँगा,पर पहुँचूँगा — यही काफ़ी है। –Rakesh Karwasra