Day : 31 Janaury 2026 आज खुद से कहा—तू ज़िम्मेदार नहीं,तू लगातार चुप रहने की कीमत चुका रहा है। जो तूने “चलने दिया”,वही धीरे-धीरेतेरी हदें तय करने लगा। कड़वा सच ये है—तुझे सबसे ज़्यादा चोटदूसरों से नहीं,खुद से किए गए समझौतों ने दी है। –Rakesh Karwasra copyright@rakeshkarwasra.com