Day : 27 Janaury 2026

आज खुद से कहा—
काम की रफ़्तार ने
मेरे भीतर के इंसान को पीछे छोड़ दिया था।
मैं निभाता चला गया,
पर जीना भूल रहा था।
आज मैंने तय किया—
मैं मेहनत करूँगा,
पर अपनी शांति की क़ीमत पर नहीं।
क्योंकि जो खुद से कट जाए,
वह काम से भी जुड़ा नहीं रह पाता।
-Rakesh Karwasra
copyright@rakeshkarwasra.com