09 अप्रैल 2026 (गुरुवार)

सुबह मन ने मुझसे एक सीधा सवाल पूछा—
“क्या सच में लोग मजबूरी में जाते हैं… या दिल से जाने लगते हैं?”
मैं थोड़ी देर चुप रहा…
फिर भीतर से एक आवाज़ आई—
“मजबूरी अक्सर बहाना होती है,
असल में चाहत कम हो जाती है।
क्योंकि जहाँ दिल सच्चा होता है,
वहाँ हालात भी हार मान लेते हैं…”
मैंने खुद से कहा—
“अगर किसी को सच में रुकना हो,
तो वो वजह नहीं गिनता जाने की…
वो एक वजह ढूंढता है रुकने की।”
आज का निर्णय—
मैं किसी के जाने की वजहों में नहीं उलझूंगा,
मैं सिर्फ अपने सच्चे दिल को संभालूंगा।
आज की सीख
“जो रुकना चाहता है,
वो हालात नहीं देखता…
बस दिल की सुनता है।” 🖤
-Rakesh Karwasra