कभी-कभी रात को सोने से पहले जब हम मोबाइल की स्क्रीन बंद करते हैं, तो एक अजीब-सी थकान महसूस होती है। यह थकान शरीर की नहीं होती, यह मन की थकान होती है। पूरे दिन हम न जाने कितने लोगों की ज़िंदगी देख चुके होते हैं। किसी की नई कार, किसी की विदेश यात्रा, किसी…
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क्या सच में हमारे पास काम बहुत ज़्यादा है — या हम बस परेशान हैं?
इंसान अक्सर एक ही बात दोहराता है— “समय ही नहीं है।”लेकिन सवाल यह नहीं कि समय नहीं है,सवाल यह है कि हम किसमें उलझे हुए हैं? हम बिज़ी रहते हैं…पर किसी से ढंग से बात नहीं कर पाते।काम करते हैं…पर संतोष नहीं मिलता।दिन निकल जाता है…पर लगता है जैसे कुछ जिया ही नहीं। तो फिर…