(Inner Dialogue – DAILY) सुबह की पहली किरण ने खिड़की से झाँका तो मन ने तुरंत पूछ लिया: “आज फिर वैलेंटाइन डे है… क्या तू तैयार है इस दिन के लिए?” मैंने हल्के से मुस्कुराकर जवाब दिया: “तैयार तो हर दिन होना चाहिए… लेकिन आज थोड़ा और खास सवाल है – क्या मैं खुद से…