कभी-कभी रात को सोने से पहले जब हम मोबाइल की स्क्रीन बंद करते हैं, तो एक अजीब-सी थकान महसूस होती है। यह थकान शरीर की नहीं होती, यह मन की थकान होती है। पूरे दिन हम न जाने कितने लोगों की ज़िंदगी देख चुके होते हैं। किसी की नई कार, किसी की विदेश यात्रा, किसी…
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समाज सच से नहीं, अलग सोच रखने वालों से डरता है | Rakesh Karwasra
आज का समाज एक अजीब दौर से गुजर रहा है।हर व्यक्ति अंदर से टूटा हुआ, डरा हुआ और असुरक्षित महसूस करता है, लेकिन बाहर से वह खुद को “सही” साबित करने में लगा हुआ है। समस्या यह नहीं है कि लोगों के पास विचार हैं…समस्या यह है कि ज्यादातर लोग अपने विचारों को अंतिम सत्य…